उत्तर मध्य रेलवे ने आधुनिकीकरण की दिशा में बढ़ाया एक और कदम, झांसी मंडल में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू
प्रयागराज, 20 जुलाई । उत्तर मध्य रेलवे ने सोमवार को रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और दक्ष बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। झांसी मंडल के मुस्तरा–गढ़मऊ–पारीछा के 14 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) प्रणाल का सफलतापूर्वक शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई तकनीक के लागू होने से ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और समयबद्ध होगा, वहीं रेलखंड की लाइन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन में प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता दीपक कुमार सिन्हा मंडल रेल प्रबंधक झांसी अनिरुद्ध कुमार तथा मुख्यालय एवं झांसी मंडल की तकनीकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संपूर्ण परियोजना का निष्पादन कानपुर प्रोजेक्ट इकाई द्वारा किया गया।
इस परियोजना के अंतर्गत मुस्तरा, गढ़मऊ और पारीछा स्टेशनों की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का उन्नयन किया गया है, जिससे सिग्नल संचालन पहले की अपेक्षा अधिक तेज, सुरक्षित और सटीक हो गया है। साथ ही पूरे रेलखंड में 82 मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) स्थापित किए गए हैं, जो ट्रैक पर ट्रेनों की सटीक स्थिति का पता लगाकर सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाते हैं।
रेल परिचालन को और अधिक सुगम एवं निर्बाध बनाने के लिए इस खंड में 14 नए ऑटोमैटिक सिग्नल भी लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त समपार फाटक संख्या 122 एवं 127 को ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली के अनुरूप इंटरलॉक किया गया है, जिससे रेल एवं सड़क यातायात दोनों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
उत्तर मध्य रेलवे का मानना है कि यह परियोजना भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके माध्यम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वसनीय रेल यात्रा का लाभ मिलेगा, साथ ही भविष्य में बढ़ते रेल यातायात का संचालन भी अधिक सुगमता से किया जा सकेगा।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से रेलवे लगातार अपनी सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। मुस्तरा–गढ़मऊ–पारीछा रेलखंड में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे रेल परिचालन की गुणवत्ता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।