योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है: गिरीश चंद्र यादव
जौनपुर, 21 जून । बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जौनपुर जिले के ऐतिहासिक शाही किले में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के खेलकूद एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, जिलाधिकारी सिंबल पाल तथा विधान परिषद सदस्य बृजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
योग दिवस के आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया।
योग गुरु अचल हरिमूर्ति के निर्देशन में प्रातः छह बजे से योग सत्र प्रारंभ हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वज्रासन तथा शीर्षासन सहित विभिन्न योगासन कराए और उनके स्वास्थ्य लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा कई बीमारियों से बचाव संभव है। इस दौरान उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को प्रतिदिन योग करने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरा विश्व भारतीय योग परंपरा को अपना रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों और विभिन्न स्तरों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। 15 जून से ही योग जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एक बार फिर से योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि मिल रही है। आज लगभग 22 देश एक साथ योग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकता है। इसलिए सभी लोगों को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करना चाहिए।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खड़िया, पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मनोरमा मौर्य सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के उपरांत योग प्रशिक्षको को अंगवस्त्रम पौधे और पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।————