महिला उद्यमियों को मिला बाजार और डिजिटल मंच, मानसून ट्रेड फेयर का समापन
पूर्वी सिंहभूम, 20 अगस्त ।
चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में आयोजित तीन दिवसीय मानसून ट्रेड फेयर 2026 का गुरुवार को समापन हो गया। मेले में शहर की महिला उद्यमियों ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों और सेवाओं की प्रदर्शनी लगाई। आयोजन के दौरान खरीदारों और शहरवासियों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।
समापन अवसर पर मेले में शामिल सभी महिला उद्यमियों को चेंबर की ओर से प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया। इसमें शिवांगी अग्रवाल का चयन हुआ, जिन्हें कमल फार्मा की ओर से पुरस्कार प्रदान किया गया। लकी ड्रॉ के जरिए पांच अन्य प्रतिभागियों का भी चयन किया गया। इन प्रतिभागियों को श्याम डिजिटल के सौजन्य से एक वर्ष तक निशुल्क वेबसाइट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चेंबर के अनुसार डिजिटल सुविधा मिलने से महिला उद्यमियों को अपने कारोबार को ऑनलाइन पहचान देने और अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि महिला उद्यमियों को अपने हुनर और उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना मेले का प्रमुख उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि तीन दिनों के आयोजन में प्रतिभागियों और ग्राहकों की सक्रिय भागीदारी से यह प्रयास सफल रहा।
उपाध्यक्ष ट्रेड एंड कॉमर्स अनिल मोदी ने कहा कि बदलते कारोबारी दौर में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। ट्रेड फेयर के माध्यम से महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, प्रचार-प्रसार करने और सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चैंबर की ओर से ऐसे आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
महासचिव पुनीत कांवटिया ने कहा कि स्थानीय उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए चैंबर लगातार प्रयासरत है।
आयोजन की समन्वयक सुमन नागेलिया ने भी मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों, चेंबर पदाधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आयोजन को सफल बनाने में उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, हर्ष बाकरेवाल, अभिषेक अग्रवाल, सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, सुरेश शर्मा, विनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिल रिंगसिया और समन्वयक सुमन नागेलिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।