अनूपपुर: शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्ती की मांगा पर प्रर्दशन, सौपा ज्ञापन
अनूपपुर, 18 जून । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अपनी मांगों को लेकर जिले के शिक्षक आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के आदेश में वर्ष 2010 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्ति दिलाने के लिए मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने गुरूवार को विरोध देशभर में प्रदर्शन किया।
प्रदेश के सभी 55 जिलों सहित अनूपपुर में कलेक्टर के माध्यम से प्रघानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में विशेष विधेयक लाकर 2010 से पहले के शिक्षकों को इस नियम से परमानेंट छूट देने की मांग को लेकर जिला मुख्यारलय अनूपपुर में गुरुवार को सैकड़ों शिक्षक डायट में एकत्रित हुए। बैठक के बाद शिक्षकों ने जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। इस दौरान शिक्षकों के हाथों में बैनर और नारे लिखी तख्तियां थीं, जिनके जरिए उन्होंने इस आदेश का विरोध किया। जहां डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी ज्ञापन सौपा।
ज्ञात हो कि 29 माई 2026 को आए सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले पुराने शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है। न्यायालय के इस आदेश से सालों से सेवा दे रहे लाखों शिक्षकों के भविष्य और उनके परिवारों पर अचानक तलवार लटक गई है। संघ का साफ कहना है कि वह न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन इस गंभीर संकट का समाधान अब केवल संसद ही कर सकती है।
जिला अध्यक्ष संजय निगम ने बताया कि राष्ट्रीय संगठन अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर पूरे देश में आज शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा के विरोध में प्रर्दशन किया गया हैं। उन्होंने बताया कि महासंघ की प्रमुख मांगों में देश के विभिन्न राज्यों में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों और मध्य प्रदेश में टीईटी लागू होने की 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। इन शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। महासंघ ने मांग की है कि आवश्यकता पड़ने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। साथ ही, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण करने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में जिला सह संयोजक अविनाश मिश्र सहित कई अन्य शिक्षक शामिल हुए।