निजी भूमि पर शासकीय निर्माण का दावा भ्रामक, राजस्व अभिलेख में भूमि शासकीय दर्ज
जगदलपुर, 23 मई । कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बस्तर से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों में यह प्रचारित किया जा रहा है कि ग्राम-नगर बस्तर क्षेत्र में एक परिवार की निजी भूमि पर शासकीय निर्माण कराया गया है। साथ ही संबंधित व्यक्तियों द्वारा न्याय की मांग को लेकर पैदल यात्रा किए जाने की बात भी सामने आई है। जांच के दौरान संबंधित आवेदकों द्वारा भूमि स्वामित्व से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रशासन द्वारा नियमानुसार स्थल निरीक्षण, राजस्व अभिलेख परीक्षण तथा संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राप्त शिकायतों एवं राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कराया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि खसरा क्रमांक 541, रकबा 0.870 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। उक्त स्थल का चयन सार्वजनिक उपयोग के लिए श्राद्ध घाट निर्माण हेतु नगर पंचायत स्तर पर किया गया था।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया में प्रसारित यह दावा कि किसी निजी भूमि पर अवैध रूप से शासकीय निर्माण किया गया है, प्रथम दृष्टया तथ्यों से पुष्ट नहीं पाया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें तथा किसी भी विषय में अधिकृत जानकारी पर ही विश्वास करें। प्रशासन ने कहा है कि प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सतत जारी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम-नगर बस्तर क्षेत्र में लखेश्वरी बघेल की पट्टे वाली भूमि पर शासकीय निर्माण किए जाने का दावा असत्य एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर पूर्णतः भ्रामक है।