News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Chhattisgarh

गोटीटोला में बलिदान अजय कुमार गोटी के स्मारक निर्माण को लेकर विवाद

गोटीटोला में बलिदान अजय कुमार गोटी के स्मारक निर्माण को लेकर विवाद

कांकेर, 20 मई (हि.स.)। जिले के गोटीटोला में बलिदान अजय कुमार गोटी के स्मारक निर्माण को लेकर विवाद का मुख्य कारण स्मारक स्थल पर मौजूद एक पेड़ है। मामला इतना बढ़ गया कि, चारामा थाना तक पहुंच गया, जहां बलिदान जवान की पत्नी और ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पूर्व कांकेर सांसद मोहन मंडावी पर स्मारक निर्माण में अप्रत्यक्ष रूप से अड़चन डालने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग की। इस मामले पर पूर्व सांसद मोहन मंडावी ने पत्रकर वार्ता के माध्यम से आज मंगलवार काे स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि, बलिदान अजय कुमार गोटी गांव की शान हैं, उनका स्मारक उपयुक्त स्थान पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विवाद को शांति पूर्वक सुलझाने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन एक पक्ष को उनका हस्तक्षेप स्वीकार नहीं हुआ। उन्हाेने कहा कि, मैंने केवल यही कहा कि आपसी सहमति से मामला सुलझा लें और फिर मैं वहां से निकल गया। इसके बाद क्या हुआ, मुझे जानकारी नहीं है। अब मेरे नाम को जबरन घसीटकर राजनीति की जा रही है।

पूर्व कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि, मैं स्वयं एक आदिवासी हूं, और एक शहीद जवान के स्मारक का विरोध करना मेरे लिए पाप के समान है। मैंने कभी किसी भी रूप में स्मारक निर्माण का विरोध नहीं किया। बल्कि मैं चाहता हूं कि यह काम ग्रामवासियों की आम सहमति से सम्मान पूर्वक पूरा हो। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, कुछ लोग उनकी छवि धूमिल करने की साजिश कर रहे हैं।

पूर्व कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने बताया कि, विवाद जिस दिन शुरू हुआ, उस दिन वे खेत पर काम करने गए थे । लौटते वक्त उन्होंने गांव में एक भीड़ देखी और वहां रुककर जानकारी ली । मुझे बताया गया कि एक साहू परिवार पेड़ कटाई और जमीन को लेकर विवाद कर रहा था। मैंने केवल यही कहा कि आपसी सहमति से मामला सुलझा लें और फिर मैं वहां से निकल गया। इसके बाद क्या हुआ, मुझे जानकारी नहीं थी। पूर्व सांसद ने बताया कि बलिदान अजय गोटी का स्मारक पहले ही बन चुका है, और उन्होंने गांव के लोगों से यह प्रस्ताव भी साझा किया था, कि स्मारक के आस-पास एक स्मृति उद्यान (गार्डन) भी बनाया जाए । उन्होंने कहा कि मैंने हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अब मेरे नाम को जबरन घसीटकर राजनीति की जा रही है।

मोहन मंडावी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, यह पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्हाेने कहा कि जो लोग ग्रामीणों को उलझाकर बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं, उनकी पहचान कर जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

—————

Leave a Reply