हिसार : हकृवि की उन्नत किस्मों की देशभर में बढ़ रही मांग, किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि तकनीक : प्रो. बीआर कम्बोज
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने गुरुवार कओ बताया कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
का प्रमुख उद्देश्य कृषि अनुसंधान के माध्यम से किसानों को ऐसी उन्नत किस्में और नवीनतम
तकनीकें उपलब्ध करवाना है, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा खेती को और अधिक लाभकारी बनाने
में सहायक हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज कृषि उत्पादन की आधारशिला
हैं। उन्नत किस्मों के बीजों के उपयोग से किसानों को उनकी विशेषताओं और उपयुक्त कृषि
पद्धतियों के अनुरूप बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं। निजी क्षेत्र की
बीज कंपनियों के साथ इस तरह के सहयोग से विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किस्मों के बीजों
का बड़े स्तर पर उत्पादन एवं वितरण संभव होगा, जिससे अनुसंधान प्रयोगशालाओं में विकसित
समझौते पर कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज की उपस्थिति में मंगलम सीड्स लिमिटेड,
अहमदाबाद की ओर से रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. हार्दिक पटेल तथा विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि मंगलम सीड्स
लिमिटेड के साथ हुए इस समझौते में हकृवि की पांच उन्नत किस्मों को शामिल किया गया है।
इनमें सरसों की आरएच 725 और आरएच 1975, मूंग की एमएच 1142, ज्वार की सीएसवी 53 वी तथा
ग्वार की 2-20 किस्म शामिल हैं। डॉ. गर्ग ने आगे स्पष्ट किया कि सरसों की ये उन्नत
किस्में किसानों को तिलहन उत्पादन के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत
महत्वपूर्ण साबित होंगी। वहीं मूंग जैसी दलहनी फसल विविधीकरण और फसल चक्र में उपयोगी
भूमिका निभाती है। ज्वार की किस्म पशुपालकों के लिए चारे का एक बेहतर विकल्प प्रदान
करेगी, जबकि ग्वार की उन्नत किस्म से किसानों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, जिससे वे
इस अवसर पर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, कुलसचिव डॉ. पवन कुमार, मानव संसाधन प्रबंधन
निदेशक डॉ. नरेश कौशिक, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रमेश गोयल, डॉ. एसके पाहुजा,
डॉ. सोमबीर निंबल, डॉ. रामअवतार, डॉ. विरेन्द्र मोर, डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. जितेन्द्र
भाटिया, डॉ. पम्मी कुमारी तथा कंपनी के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
