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गुरुग्राम में गर्मी का प्रभाव को कम करने को एनआईयूए व एमसीजी के बीच हुआ करार

गुरुग्राम, 11 जून । गुरुग्राम को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति अधिक सक्षम, सुरक्षित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) और नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के बीच हीट रेजिलिएंट सिटी परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

यह परियोजना केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पहल के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव के कारण बढ़ रही गर्मी की चुनौतियों का वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक समाधान तैयार करना है।

हीट रेजिलिएंट सिटीज परियोजना के तहत देश के 12 शहरों का चयन किया गया है, जिनमें गुरुग्राम भी शामिल है। परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक शहर को पांच करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप गर्मी से बचाव एवं अनुकूलन से संबंधित परियोजनाएं लागू की जा सकें। इस पहल का उद्देश्य शहरों को हीट-रेजिलिएंट, जलवायु-अनुकूल एवं समावेशी बनाना है, ताकि भविष्य में बढ़ती गर्मी और चरम मौसम की घटनाओं के प्रभाव को कम किया जा सके। एमओयू साइन के मौके निगमायुक्त प्रदीप दहिया के साथ अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, केपीएमजी से समर्थ तथा एनआईयूए से अंशुल अब्बासी उपस्थित रहे।

परियोजना के तहत गुरुग्राम में विस्तृत अध्ययन कर उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां तापमान सामान्य से अधिक रहता है। साथ ही सामाजिक एवं आर्थिक रूप से संवेदनशील आबादी तथा गर्मी से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों का भी आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों का अर्बन हीट आइलैंड आकलन, हीट मैपिंग और संवेदनशील क्षेत्रों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर शहर के लिए एक व्यापक सिटी हीट रेजिलिएंस एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

परियोजना के तहत गुरुग्राम के लिए एक दीर्घकालिक हीट रेजिलिएंट सिटी फ्रेमवर्क एवं कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

एमओयू के अनुसार यह परियोजना 15 माह की अवधि में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम परियोजना की प्रगति, प्रभाव आकलन तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय-समय पर एनआईयूए और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को उपलब्ध कराएगा। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि यह पहल गुरुग्राम को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वैज्ञानिक डेटा, आधुनिक तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से शहर में गर्मी के प्रभाव को कम करने तथा सतत विकास को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह परियोजना गुरुग्राम को भविष्य की जलवायु चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से शहर में गर्मी के प्रभाव को कम करने, नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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