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कोईलकारो परियोजना को रद्द करने के प्रति सरकार नहीं दिख रही गंभीर : जनसंगठन

खूंटी, 05 मई । कोईलकारो जनसंगठन की शीर्ष कमेटी की बैठक मंगलवार को तपकरा स्थित शहीद भवन में उपाध्यक्ष जोन जुरसेन गुड़िया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 05 जुलाई को मनाए जाने वाले विजय संकल्प दिवस, पारंपरिक ग्राम स्वशासन के विपरीत पेसा नियमावली और जेटेट परीक्षा की भाषा सूची में मुण्डारी भाषा को खूंटी और गुमला जिले में शामिल नहीं किए जाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इन विषयों पर गहरा रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में वर्तमान सरकार जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा और आदिवासी अस्तित्व, अस्मिता और पहचान की रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद नीतियां इसके विपरीत बन रही हैं।

सदस्यों ने आरोप लगाया कि गजट अधिसूचना के माध्यम से महाविनाशकारी मानी जाने वाली कोईलकारो जल विद्युत परियोजना को रद्द करने के प्रति सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। साथ ही मुण्डारी भाषा को लेकर सरकार का रवैया भी उपेक्षापूर्ण बताया गया, जिसे लेकर चिंता जताई गई।

बैठक में इन सभी मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगने और दबाव बनाने की रणनीति पर सहमति बनी।

बैठक में झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा समेत मसीहदास गुड़िया, रेजन गुड़िया, जीवन हेमरोम, निकोलस कन्डुलना, दिलबर गुड़िया, करण सिंह कन्डुलना, एरियल कन्डुलना, जकारियस गुड़िया, मदन सिंह, दुलार कन्डुलना, झिरगा कन्डुलना, हलन गुड़िया और जूनूल गुड़िया सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

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