पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर जीशान अख्तर के गुर्गे को एजीटीएफ ने दबोचा
जयपुर, 05 मई । राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पंजाब में रंगदारी और फायरिंग के मामले में फरार चल रहे एक गैंगस्टर को दौसा जिले के बांदीकुई से आरोपित चन्द्रप्रकाश शर्मा उर्फ चन्दू शर्मा को दस्तयाब किया है। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
एजीटीएफ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने बताया कि संगठित अपराधियों और फरार आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि पंजाब के नकोदर सिटी में एक व्यापारी से रंगदारी मांगने और उसके कार्यालय पर फायरिंग की वारदात में शामिल आरोपी राजस्थान में छिपा हुआ है।
एजीटीएफ को पिछले करीब एक महीने से आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन को लेकर लगातार इनपुट मिल रहे थे। टीम लगातार उसके ठिकानों और नेटवर्क की निगरानी कर रही थी। सूचना पुख्ता होने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह के सुपरविजन में तथा पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
एजीटीएफ टीम ने तकनीकी इनपुट और सूचना के आधार पर जाल बिछा बांदीकुई में दबिश देकर आरोपी चंदू उर्फ चंद्र प्रकाश को पकड़ लिया। आरोपी को विधिक प्रक्रिया पूरी कर पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जहां उससे पूछताछ जारी है। आरोपित से पूछताछ में गैंग के नेटवर्क, रंगदारी व अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित चन्द्रप्रकाश उर्फ चंदू का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। जांच में यह भी पता चला कि वह हाल ही में पंजाब के गैंगस्टर जीशान अख्तर के गिरोह से जुड़ा था। जीशान अख्तर फिलहाल विदेश में रहकर गैंग ऑपरेट कर रहा है और भारत में अपने नेटवर्क के जरिए रंगदारी व अन्य आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा है।
एडीजी एमएन ने बताया कि आरोपित चन्द्रप्रकाश उर्फ चंदू ने पंजाब के नकोदर शहर में एक व्यापारी को गैंग द्वारा रंगदारी के लिए धमकाया गया था। जब व्यापारी ने बात नहीं मानी तो गैंग के सदस्यों ने उसके ऑफिस बक्शी ट्रेवल्स पर 18 जनवरी 2026 को फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। इस मामले में पंजाब पुलिस ने गैंग के तीन अन्य सदस्यों दीपक,अंकित कुमार और हरिजंदर गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं तीन फरवरी को नाकाबंदी के दौरान पंजाब पुलिस पर फायरिंग करने पर जवाबी कार्रवाई में अंकित कुमार और हरिजंदर घायल भी हुए थे। इस घटना के बाद चन्द्र प्रकाश फरार हो गया और लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पूछताछ में सामने आया कि पंजाब से भागने के बाद यह जयपुर, दौसा के पाराशर धाम, लालसोट व अन्य इलाकों में फरारी काट रहा था।
इस कार्रवाई में एजीटीएफ टीम के प्लाटून कमांडर सोहन सिंह, हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, महावीर सिंह, कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार के साथ जिला दौसा की डीएसटी टीम की विशेष भूमिका रही।