वोट काटने से प्रभावित हुए चुनाव नतीजे, खतरे में लोकतंत्र : कुलदीप राठौर
शिमला, 05 मई । चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिमला में मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप राठौर ने पत्रकार वार्ता में कहा कि एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) के नाम पर वोट काटे गए, जो भाजपा की जीत का एक बड़ा कारण बना।
उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह पहले ईडी और सीबीआई पर सवाल उठते रहे हैं, उसी तरह अब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी विपक्ष को संदेह है। राठौर ने कहा कि आयोग का काम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है, लेकिन मौजूदा हालात में उसकी भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा एक या दो राज्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर अपनी पूरी ताकत झोंक देती है और अलग-अलग तरीके अपनाकर चुनाव जीतती है। उन्होंने कहा कि पंजाब, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी भाजपा ने इसी तरह राजनीतिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर सत्ता हासिल की। उनका दावा है कि जो दल भाजपा के साथ हैं, वे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां अर्धसैनिक बलों का दुरुपयोग किया गया और विपक्ष के समर्थकों को वोट डालने से रोका गया। राठौर ने यह भी कहा कि इन चुनावों में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे पीछे छूट गए, जबकि गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
राठौर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर तथ्यों के साथ बात करते हैं, इसलिए भाजपा उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की विदेश नीति भी कमजोर हुई है और पड़ोसी देशों के साथ संबंध बेहतर नहीं हैं।
केरल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग पढ़े-लिखे हैं और मुद्दों के आधार पर मतदान करते हैं, न कि सांप्रदायिक बातों पर। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की भाषा शैली पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि उनकी भाषा मर्यादित नहीं है।
कुलदीप राठौर ने कहा कि जिस तरह से चुनाव लड़े जा रहे हैं, उससे लोकतंत्र पर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।