आईजीआई एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा रैकेट का भंडाफोड़, पंजाब से एजेंट गिरफ्तार
आईजीआई के पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने शुक्रवार को बताया कि कपूरथला निवासी अमरजीत कौर लंदन जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची थी। जांच के दौरान उसके पासपोर्ट पर लगा यूके वीजा फर्जी पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका भाई लंदन में रहता है और बेहतर रोजगार के लालच में वह भी वहां जाना चाहती थी। “इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम” (आईईएलटीएस) की परीक्षा में असफल होने के बाद वह फर्जी वीजा एजेंटों के संपर्क में आई थी।
22 लाख रुपये का सौदा, 5 लाख एडवांस
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि महिला ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि करीब 4-5 महीने पहले उसकी मुलाकात सरवान सिंह उर्फ कोहली से हुई थी। उसने जालंधर में एक ऑफिस में ले जाकर 22 लाख रुपये में यूके वीजा और यात्रा की व्यवस्था कराने का वादा किया। पांच लाख रुपये एडवांस लिए गए थे। करीब एक हफ्ता पहले फर्जी वीजा उसके पासपोर्ट पर लगवाया गया।
शुरुआती इनपुट के आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार त्यागीकी देखरेख में पुलिस टीम ने छापेमारी कर सरवान सिंह को कपूरथला से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश भेजने का धंधा स्वीकार किया। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
सितंबर में 23 गिरफ्तारी
पुलिसउपायुक्त ने बताया कि सिर्फ सितंबर माह में ही 23 व्यक्तियों को फर्जी वीजा, पासपोर्ट एक्ट, धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में पकड़ा गया है। वहीं, 25 से अधिक लोगों के खिलाफ दलाली और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में कार्रवाई की गई है। पुलिसउपायुक्त का कहना है कि इस तरह के रैकेट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और यात्रियों से अपील है कि विदेश यात्रा के लिए केवल वैध माध्यमों का ही सहारा लें।