जबलपुरः पाटन में बिजली विभाग की लापरवाही से आउटसोर्स कर्मचारी की मौत, 16 फीट ऊंचाई से गिरा
जबलपुर, 18 अक्टूबर । मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पाटन संभाग अंतर्गत बेलखेड़ा वितरण केंद्र में रविवार को बिजली सुधार कार्य के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। 11 केवी बिजली लाइन पर फाल्ट सुधारने खंभे पर चढ़े आउटसोर्स कर्मचारी बिहारी लाल बर्मन की करंट लगने से करीब 16 फीट ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, रविवार को बेलखेड़ा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद लाइन में आई तकनीकी खराबी को दूर करने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी बिहारी लाल बर्मन कनिष्ठ अभियंता (जेई) के निर्देश पर बिजली के खंभे पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहा था। बताया जा रहा है कि कर्मचारी ने बिजली बंद होने की स्थिति मानकर काम शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान लाइन में अचानक करंट प्रवाहित हो गया।
तेज बिजली का झटका लगने से कर्मचारी संतुलन खो बैठा और करीब 16 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मरम्मत कार्य के लिए बिजली बंद की गई थी, तो लाइन में अचानक करंट कैसे प्रवाहित हुआ? क्या शटडाउन की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन किया गया था और कर्मचारी की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे? इन बिंदुओं की जांच जरूरी मानी जा रही है।
घटना को लेकर तकनीकी कर्मचारी संघ ने गहरा आक्रोश जताया है। कर्मचारी नेताओं ने मृतक के परिजनों को तत्काल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही संबंधित कनिष्ठ अभियंता की भूमिका की जांच कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। संघ का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कर्मचारियों से जोखिमपूर्ण कार्य कराना गंभीर मामला है।
