घाघवा नाला में श्रमदान से बना बोरी बंधान, सेंदुर नदी तट पर चला स्वच्छता और पौधारोपण अभियान
बलरामपुर, 24 सितंबर । सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ गुरुवार सुबह घाघवा नाला और सेंदुर नदी तट पर सामूहिक श्रमदान किया गया। वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए श्रमदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत घाघवा नाला में बोरी बंधान निर्माण से हुई। करीब 150 से 200 बोरियों में मिट्टी भरकर बंधान तैयार किया गया। इससे बारिश के पानी को रोकने और भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर और वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी ने भी स्वयं बोरियां उठाकर श्रमदान किया।
इसके बाद सभी सेंदुर नदी तट पहुंचे, जहां ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत नदी तट और आसपास के क्षेत्र की सफाई की गई। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी सहित जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसमें सहभागिता निभाई। इस दौरान लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए छोटे-छोटे बंधान काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास के जलस्रोतों के संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने कहा कि सामूहिक श्रमदान से सेवा की भावना मजबूत होती है और प्रशासन तथा समाज के मिलकर काम करने से सकारात्मक बदलाव आता है।
वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी ने नदी-नालों के संरक्षण और पौधारोपण को पर्यावरण सुरक्षा की बुनियाद बताते हुए लोगों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। आयोजन के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का संदेश दिया गया।