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मप्र कैबिनेट : सरकारी योजनाओं के लिए आपसी सहमति से भूमि बिक्री पर मिलेगी चार गुना कीमत

भोपाल, 25 अगस्त । मध्य प्रदेश में शासकीय योजनाओं के लिए किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण के मामले में चार गुना कीमत देने संबंधी प्रस्ताव में आपसी सहमति की नीति को भी शामिल कर लिया है। अब किसी परियजोना के लिए जरूरत के आधार पर सरकार आपसी सहमति से जमीन लेकर चार गुना भुगतान कर सकेगी। यह निर्णय मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति 12 नवम्बर 2014 में संशोधन की स्वीकृति दी है। इसके अनुसार संगणित पुनर्वास अनुदान के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में स्थित निजी कृषि भूमि पर स्थापित स्थावर परिसंपत्तियों को छोड़कर कृषि भूमि के लिये कलेक्टर द्वारा जारी की गई गाइडलाइन की तत्समय प्रभावशील दर के अनुसार संगणित मूल्य से दौगुनी राशि भी पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी। नीति के अनुरूप प्रारूपों में आवश्यक संशोधन कर विभाग अपने स्तर से जारी कर सकेगा और अतिरिक्त आवश्यक प्रारूपों को भी जारी कर सकेगा।

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक हित की परियोजनाओं में भूमि का अर्जन, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत किया जाता है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिये वह कारक जिसके आधार पर बाजार मूल्य को गुणित किया जाना है। मध्यप्रदेश राजपत्र अधिसूचना 24 अप्रैल 2026 से 1.00 के स्थान पर 2.00 किया गया है। इसे शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 12 नवम्बर 2014 में संशोधन किया गया है।

राज्य सरकार के विभिन्न विभागों/उपक्रमों को उनकी अधोसंरचना निर्माण कार्यों एवं विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर निजी भूमि की आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय और लागत को बचाने की दृष्टि से प्रतिफल का भुगतान करके भू-धारकों की आपसी सहमति से भूमि प्राप्त की जा सके तथा शासकीय परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में क्रियान्वित किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा “आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति” 14 नवम्बर, 2014 से लागू की गई है।

मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मंत्रि-परिषद ने भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की भारतीय न्याय संहिता 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र. को अधिकृत करने के लिए गृह विभाग की अधिसूचना 31 मई 1977 में संशोधन की स्वीकृति दी है।

अतिथि गृह के उन्नयन और संचालन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने आवासीय आयुक्त कार्यालय म.प्र. भवन नई दिल्ली में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद की 250 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार आवासीय आयुक्त कार्यालय, मध्य प्रदेश भवन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 191 करोड़ 828 लाख रुपये, ज्यूडिशियल स्टॉफ के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 55 लाख रूपये, विशेष आयुक्त कार्यालय, म.प्र. शासन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 6.593 करोड़ रुपये, मध्या लोक, मुम्बई कार्यालय के लिए 4.2655 करोड़ रुपये और विभागीय परिसम्पतियों का संधारण के लिए राजस्व मद में 1 करोड़ 76 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण कार्य के लिए पूंजीगत मद में 44.5803 करोड़ रुपये और नई दिल्ली में प्रस्तावित कार्यालयों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (दृष्टिबाधित) में प्रदाय प्रोत्साहन राशि

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) की 03 खिलाडियों को कुल प्रोत्साहन राशि 75 लाख रुपये और महिला खिलाडियों के 03 प्रशिक्षक को कुल प्रोत्साहन राशि 3 लाख रुपये इस तरह कुल 78 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति प्रोत्साहन मद से करने की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की है। महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) 23 नवंबर 2025 कोलंबो (श्रीलंका) में नेपाल को पराजित कर स्वर्ण पदक जीतने पर उल्लेखनीय उपलब्धि के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा भारतीय विजेता टीम की सदस्य एवं मध्य प्रदेश की खिलाडी सुनिता सराठे (नर्मदापुरम), दुर्गा येबले (बैतूल) एवं सुषमा पटेल (दमोह) को 25-25 लाख रुपये, जिसमें से 10-10 लाख रुपये नगद एवं 15-15 लाख रुपये फिक्सड डिपाजिट के रूप में तथा महिला खिलाडियों के प्रशिक्षक सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपये, इस प्रकार कुल 78 लाख रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान करने की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई।

मंत्री सिंह ने बताया कि मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के इंफ्रॉस्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सायबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रेक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसी तरह चयनित राजमार्गं, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग एवं ग्रामीण मार्गों की श्रेणी को 22 मार्गों को स्वामित्व मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया गया तथा 3 हजार 960 करोड़ रुपये की लागत से सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग को फोर-लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के तहत निर्धन एवं कमजोर वर्गों से जुड़ी 19 जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए 1 हजार 740 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं तकनीकी अवसंरचना का विस्तार करते हुए उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 244 पदों के सृजन तथा सायबर सुरक्षा प्रबंधन के लिए एमपी-सीईआरटी योजना अंतर्गत 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसके अतिरिक्त नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन एवं अतिथि गृहों के उन्नयन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये स्वीकृति प्रदान की गई।

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