हरियाली अमावस्या पर भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में उमड़ा आस्था का सैलाब
चित्रकूट, 12 अगस्त । श्रावण मास की पावन हरियाली अमावस्या के अवसर पर भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने देवगंगा मंदाकिनी में श्रद्धा की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। भोर से ही रामघाट समेत मंदाकिनी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और पूरा चित्रकूट धार्मिक जयकारों से गूंज उठा।
हरियाली अमावस्या के पर्व पर श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में पवित्र स्नान करने के बाद भगवान मतगयेंद्र नाथ का जलाभिषेक किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ कामदगिरि पर्वत की पंचकोसी परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग पर पूरे दिन भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने कामदगिरि की परिक्रमा कर भगवान श्रीकामतानाथ से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।
हरियाली अमावस्या का पर्व किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसानों ने अच्छी बारिश, पर्याप्त जलवृष्टि और बेहतर फसल की कामना की। श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी तट पर पूजा-अर्चना कर प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण का भी संकल्प लिया।
दिगंबर अखाड़ा चित्रकूट के महंत दिव्य जीवन दास महाराज ने हरियाली अमावस्या के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रावण मास में हरियाली अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, भगवान शिव का जलाभिषेक तथा तीर्थस्थलों की परिक्रमा करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट की पवित्र मंदाकिनी में स्नान और कामदगिरि की परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देशन में मेला क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। रामघाट, मंदाकिनी के प्रमुख स्नान घाटों, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग सहित प्रमुख स्थानों पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की विशेष नजर रही।
हरियाली अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट की धर्मनगरी में दिनभर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदाकिनी घाटों से लेकर कामदगिरि परिक्रमा मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते पूरा तीर्थक्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर नजर आया।