News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Delhi

राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी को तत्पर रहना चाहिएः उप राष्ट्रपति

श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर), 09 अगस्त । उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत की शांति और उदारता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। तिरंगे से प्रेरणा लेकर साहस, एकता और आशा का संचार करें और एक मजबूत एवं विकसित भारत के निर्माण में स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाएं।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की राजधानी श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) के ऐतिहासिक फ्लैग पॉइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरुआत की। श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) के ऐतिहासिक फ्लैग पॉइंट पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को तिरंगा फहराया था।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन में बदल चुका है। प्रत्येक नागरिक तिरंगे को गर्व से फहराने, देशभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को आत्मसात करें।”

महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के अमर शब्दों को याद करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि भारती द्वारा मनाया जाने वाला ‘मणि कोडी’ उत्सव भारतीय भावना के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाता है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इस भावना को आगे बढ़ाते हुए सभी नागरिकों को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा भविष्य के अंतर्गत एकजुट करता है।

उन्होंने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का सिर्फ एक भौगोलिक हिस्सा नहीं है यह बलिदानों की पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर सावरकर और सेलुलर जेल में कैद रहे अनगिनत अन्य देशभक्तों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस, देशभक्ति और बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभी द्वीप ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण है और यहां समृद्ध आदिवासी विरासत और कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में भी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को और मजबूत करेगी, साथ ही विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखेगी।

भारत की शांति और उदारता की परंपरा के साथ-साथ राष्ट्रीय शक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए राधाकृष्णन ने कहा, “भारत हमेशा से उदार रहा है लेकिन हमारी उदारता को कभी कमजोरी नहीं समझना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का दौरा किया। इस कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव चंचल यादव, विजयपुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंत और जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उमर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Leave a Reply