नरेंद्रनगर में उद्यमिता उन्मुखीकरण एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम
नई टिहरी, 08 अगस्त । देवभूमि उद्यमिता योजना के जिला समन्वयक दिग्विजय सजवाण ने कहा कि नौकरी की बजाय युवा रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए नवाचार, नेतृत्व क्षमता, जोखिम उठाने की सोच और बेहतर व्यवसाय योजना होनी जरूरी है।
शनिवार को राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में उद्यमिता उन्मुखीकरण एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया गया। मुख्य वक्ता सजवाण ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने के लिए स्थानीय संसाधनों और नए विचारों को व्यवसाय से जोड़ने की जरूरत है। गांवों में पर्यटन, रागी, भीमल से शैम्पू बनाने और डिजिटल सुरक्षा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता की बहुत अधिक संभावनाएं हैं।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उद्यमिता के प्रति रुचि और क्षमता का आकलन भी किया गया। इसमें आफिया, हिमांशी और आशीष पुंडीर ने उत्कृष्ट स्थान हासिल किया। समन्वयक/नोडल अधिकारी डॉ. संजय महर ने स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के बारे में जानकारी दी।
प्राचार्य डॉ. विजय नेगी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच विकसित करने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते है। इस मौके पर डॉ. आशा डोभाल, डॉ. सोनी तिलारा, शिशुपाल, अजय, विशाल, आयुषी मौजूद रहे।