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यूपी के उरई में केंद्रीय मंत्री एस.पी. बघेल ने किया महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण

उरई, 10 जुलाई । सरकार के केंद्रीय मंत्री एवं सांसद प्रो. एस.पी. बघेल शुक्रवार को जालौन पहुंचे। उरई नगर में संचालित जनसेवा रसोई के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस अवसर पर समाजसेवा, राष्ट्र निर्माण तथा महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों का दायित्व है कि वे सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें तथा जरूरतमंदों की सेवा को अपना कर्तव्य समझें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. एस.पी. बघेल ने जनसेवा रसोई के चार वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह रसोई लगातार निर्धन, असहाय, श्रमिक एवं जरूरतमंद लोगों को पौष्टिक और कैलोरी युक्त भोजन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने इस सेवा की तुलना “अन्नपूर्णा भंडार” और “अक्षय पात्र” से करते हुए कहा कि जिस प्रकार अन्नपूर्णा का भंडार और अक्षय पात्र कभी खाली नहीं होते, उसी प्रकार यह सेवा भी निरंतर चलती रहे और अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत बनता है, जब सक्षम लोग अपनी आय और समय का कुछ हिस्सा समाजहित के कार्यों में लगाते हैं। गरीबों की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और ऐसे प्रयास सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, वीरांगना झलकारी बाई, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमाओं का विधिवत अनावरण भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं होतीं, बल्कि उनके विचारों, संघर्षों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम होती हैं। यदि समाज अपने महापुरुषों का सम्मान करेगा और उनके बताए मार्ग पर चलेगा, तभी वास्तविक विकास और सामाजिक जागरूकता संभव होगी। डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने देश को ऐसा संविधान दिया, जिसने प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय और मौलिक अधिकार प्रदान किए। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि वाजपेयी का राजनीतिक जीवन सदैव जनसेवा और राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा और उनका योगदान देश हमेशा याद रखेगा।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भी जनसेवा रसोई के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह रसोई केवल जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग, करुणा और मानवता की भावना को भी मजबूत कर रही है। इस प्रकार की पहल समाज के अन्य लोगों को भी जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करती है। समारोह के अंत में आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह सेवा अभियान और अधिक व्यापक होगा तथा हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण लेकर आएगा। सभी ने संकल्प लिया कि समाज के कमजोर, गरीब और वंचित वर्गों की सेवा के लिए ऐसे जनहितकारी अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और सेवा का यह कारवां लगातार आगे बढ़ता रहे।

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