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जबलपुर : थाने के सामने आत्मदाह करने वाले गंगाराम की मौत, इंसाफ की मांग को लेकर बढ़ा आक्रोश

जबलपुर, 11 जुलाई । मध्य प्रदेश के जबलपुर में माढ़ोताल थाना परिसर के सामने 5 जुलाई को आत्मदाह करने वाले प्रभात नगर निवासी गंगाराम ने छह दिन तक जीवन और मौत से जूझने के बाद शनिवार को दम तोड़ दिया।

उसकी मौत की खबर सामने आते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश और बढ़ गया। गंगाराम को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर सोमवार शाम माढ़ोताल थाने के सामने धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित था, लेकिन प्रदर्शन से पहले ही उसकी मौत की सूचना मिलने से मामला और गंभीर हो गया।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गंगाराम ने अपने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में तीन लोगों के नाम बताए थे, इसके बावजूद पुलिस ने अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सुबह बड़ी संख्या में परिजन पूर्व विधायक विनय सक्सेना से मिले और निष्पक्ष कार्रवाई तथा न्याय दिलाने की मांग की।

पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि गंगाराम को आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने के लिए इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उसकी शिकायत पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि वह लगातार थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसे बार-बार टाल दिया गया। सक्सेना ने मांग की कि मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में जिन तीन लोगों के नाम आए हैं, उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार ने बताया है कि पुलिस ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार की सुध ली।

वहीं, माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह पंवार ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि गंगाराम कभी भी किसी शिकायत को लेकर उनसे मिलने नहीं आया। इसकी पुष्टि के लिए थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची गई, जिसमें वह थाने आते हुए दिखाई नहीं दिया। थाना प्रभारी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने ही गंगाराम को अपने वाहन से मेडिकल अस्पताल पहुंचाया था। साथ ही उसकी स्थिति और समस्या जानने के लिए थाना से सब-इंस्पेक्टर सुरेश को अस्पताल भेजा गया था, जिन्होंने गंगाराम से मुलाकात भी की थी।

गौरतलब है कि 5 जुलाई को प्रभात नगर निवासी गंगाराम माढ़ोताल थाने के सामने काफी देर तक बैठा रहा और इंसाफ की गुहार लगाता रहा। इसके बाद उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई, जबकि पुलिस ने तत्काल उसे मेडिकल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण वह पिछले छह दिनों से उपचाराधीन था, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई।

अब गंगाराम की मौत के बाद मामले में पुलिस की भूमिका और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।

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