कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों के बीच हिंसक झड़प में पांच घायल, चार गिरफ्तार
कर्णप्रयाग, 16 जून । उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में मंगलवार को निहंग सिख समुदाय के तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि झड़प के दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया,जिससे चार स्थानीय लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया। गंभीर रूप से घायल एक युवक को हेलीकॉप्टर से उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद जाम समाप्त कर यातायात बहाल कराया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड अपनी शांति, सौहार्द और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है तथा किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस के
अनुसार इस हिंसक झड़प में कर्णप्रयाग निवासी प्रकाश रावत (26), नैनीसैंण कंडारा निवासी सुदर्शन कंडारी (55), गजपाल सिंह (50) और देवतोली निवासी हरेंद्र सिंह पंवार (42) घायल हुए हैं। इसके अलावा मोहाली, पंजाब निवासी मनप्रीत सिंह (21) भी घायल हुआ है।
इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि पुलिस और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा नियमावली और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा संयमित व्यवहार बनाए रखने का आग्रह किया। भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति ‘अतिथि देवो भवः’ की है और यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सम्मान किया जाता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्राएं प्रदेश की आस्था और पहचान से जुड़ी हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं दोनों की जिम्मेदारी है कि वे सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें तथा यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करें।
उन्होंने विपक्षी दलों से भी संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करने और अफवाहें व भ्रम फैलाने से बचने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश की सामाजिक सद्भावना और देवभूमि की छवि को नुकसान पहुंचाने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।