अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में अप्रूवर बने दो बांग्लादेशी नागरिकों को जमानत
जयपुर, 21 मई । राजस्थान हाईकोर्ट ने किडनी ट्रांसप्लांट और मानव तस्करी से जुड़े चर्चित मामले में अप्रूवर बने दो आरोपी बांग्लादेशी नागरिकों नुरूल इस्लाम व एमडी अहसानुल कोबिर को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि विदेशी नागरिक सहित किसी भी व्यक्ति को अनिश्चित काल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 306 की उपधारा 4 के तहत सरकारी गवाह बने आरोपी को ट्रायल पूरी होने तक हिरासत में रखने का प्रावधान है, लेकिन उनके बयान होने पर उन्हें मुख्य आरोपी से बदतर स्थिति में अनिश्चितकाल तक अभिरक्षा में नहीं रखा जा सकता। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दिए। अदालत ने कहा कि दोनों के बयान सरकारी गवाह के तौर पर निचली कोर्ट में दर्ज हो चुके हैं और उनकी हिरासत को 24 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। इस मामले के मुख्य व प्रमुख आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में इन्हें जमानत देना उचित होगा। वहीं हाईकोर्ट ने निचली अदालत को कहा कि वह लंबित केस की ट्रायल में तेजी लाए और इसे खत्म करने के लिए कदम उठाए।
जमानत याचिका में कहा कि इन दोनों आरोपियों ने साल 2024 में जवाहर सर्किल थाने में दर्ज अवैध किडनी ट्रांसप्लांट और मानव तस्करी के आरोप मामले में अप्रूवर बनकर पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इसके आधार पर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। सभी मुख्य आरोपी नियमित जमानत पर रिहा हो गए हैं। उन्हें जेल में दो साल से भी ज्यादा समय हो गया है और उनके बयान भी दर्ज हो चुके हैं। इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि सीआरपीसी के तहत अप्रूवर को केस की सुनवाई पूरी होने तक हिरासत में रखने का प्रावधान है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।