अंबिकापुर : धौरपुर सीएचसी में नाै कर्मियों ने नहीं की ज्वाइनिंग, वेतन रोकने के निर्देश
अंबिकापुर, 17 अप्रैल । सरगुजा में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अटैचमेंट समाप्त होने के बाद भी कई डॉक्टर और कर्मचारी अपने मूल पदों पर वापस नहीं लौटे हैं। धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में यह गंभीर लापरवाही सामने आई, जिस पर जेडी हेल्थ ने सख्त रुख अपनाया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अटैचमेंट खत्म कर कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर लौटने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मियों ने अब तक ज्वाइनिंग नहीं की है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब जेडी (हेल्थ) डॉ. अनिल शुक्ला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरपुर का आज शुक्रवार काे निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धौरपुर सीएचसी से अटैच किए गए नाै कर्मियों ने अब तक अस्पताल में अपनी ज्वाइनिंग नहीं दी है। इस पर नाराजगी जताते हुए जेडी हेल्थ ने शुक्रवार काे आदेश जारी कर सभी संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान अस्पताल में अव्यवस्था भी सामने आई। लैब और मेडिकल स्टोर में व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं, जिस पर जेडी हेल्थ ने बीएमओ को फटकार लगाई। अस्पताल परिसर में गंदगी और लापरवाही भी देखने को मिली।
निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इनमें अनुज एक्का, प्रकाश कुमार, डॉ. बेबी प्रज्ञा ओझा, गोराती टोप्पो, अतीश टोप्पो, रोशनी सिंह, रूपन राम, अशोक कुमार एक्का, पीआर बंजारे और अजय सिंह शामिल हैं। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जेडी हेल्थ डॉ. अनिल शुक्ला की जांच में यह भी सामने आया कि धौरपुर सीएचसी से पहले 9 कर्मियों को अंबिकापुर और अन्य स्थानों पर पदस्थ किया गया था। शासन के निर्देश के बाद उन्हें वापस मूल पदों पर भेजने के आदेश जारी किए गए, लेकिन किसी ने भी अब तक ज्वाइनिंग नहीं की। इनमें दंत चिकित्सक डॉ. प्रियंका सिंहदेव सहित अन्य डॉक्टर और कर्मचारी शामिल हैं।
डॉ. अनिल शुक्ला ने आज शुक्रवार काे बताया कि पूरे संभाग में करीब 400 कर्मियों का संलग्नीकरण समाप्त किया गया है। जिन डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अब तक अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन सुनिश्चित करने और सेवाओं को बेहतर बनाने का संदेश दिया गया है।