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Uttarakhand

शैक्षिक उत्कृष्टता काे लेकर हुआ व्यापक विचार-विमर्श

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने विद्यालय के परिणामों की समीक्षा करते हुए सभी विषयों, विशेषकर गणित में, शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के व्यक्तिगत मार्गदर्शन, व्यवहारिक शिक्षा और गुणवत्ता आधारित शिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

डीएम ने जोर दिया कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को कृषि, बागवानी, मशीन संचालन, बैंकिंग प्रक्रिया, बिजली बिल भुगतान और सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग) देने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों में नशामुक्त जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा देने पर भी बल दिया।

बैठक में विद्यालय परिसर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मानसिक स्वास्थ्य पर नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने, रुचि आधारित हॉबी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा साइबर सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता पर विशेष कार्यशालाएँ आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाने और उनमें बचत की आदत विकसित कराने पर भी जोर दिया।

अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी ने कहा कि शिक्षा को केवल शारीरिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर मस्तिष्क विकास केंद्रित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की मूल अवधारणाओं को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में यह भी बताया गया कि सितंबर 2024 में जवाहर नवोदय विद्यालय चंपावत को ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट एसेसमेंट (जीआरआईएचए) द्वारा प्रमाणित किया गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह जनपद का पहला विद्यालय बन गया है।

इस बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत पांडे, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, समिति के सदस्यगण, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विद्यालय के शिक्षक व स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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