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बीकानेर की हवा में प्रदूषण का जहर बुरी तरह घुला : एयर क्वालिटी इंडेक्स 245 तक पहुंचा

हवा में आई खराबी हालांकि अकेले दीवाली की रात या सिर्फ पटाखों के कारण ही नहीं आई है वरन पिछले कुछ दिनों से लगातार उड़ रहे धूल कणों की वजह से भी ऐसा हुआ है। इसके लिए काफी हद तक टूटी सड़कें और सड़कों के किनारे जमा धूल भी जिम्मेदार है। हालांकि हवा की गुणवत्ता दीपावली की रात में सर्वाधिक खराब रही लेकिन अब भी यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मंगलवार दोपहर 01 बजे भी एक्यूआई लेवल 166 तक रहा।

हवा में प्रदूषण का सर्वाधिक असर उन लोगों पर दिखा है जो श्वास की तकलीफ से जूझ रहे हैं। ऐसे हजारों लोग हांफने लगे हैं। इनमें से कइयों की हालत इतनी खराब हुई है की डॉक्टर को दिखने के बाद नेबुलाइज करना पड़ रहा है। कुछ को हॉस्पिटल में भर्ती भी किया गया है।

एसपी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और श्वसन रोग के सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर गुंजन सोनी के अनुसार श्वसन रोगियों के लिए ये सर्वाधिक संवेदनशील समय है। अगर दवाई छोड़ दी है तो तुरंत इसे चालू करें। जहां तक संभव हो घर से बाहर प्रदूषण वाले इलाकों में ना जाएं। जाना भी पड़ें तो मास्क लगाकर रखे। घर में भी डस्टिंग खुद न करें। घर में सफाई के दौरान धूल उड़ाने की बजाय इसे गीले कपड़े से साफ करें।

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