कुमाऊँ विश्वविद्यालय : छात्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह भी तय किया गया कि समय-समय पर इन महाविद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा ताकि व्यवस्था का सही अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
कुलपति प्रो. दीवान रावत ने कहा कि नियमित उपस्थिति विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास की आधारशिला है। बायोमेट्रिक प्रणाली लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी, अनुशासन सुदृढ़ होगा और शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में समयनिष्ठा, उत्तरदायित्व और अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित करना है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचाई देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके तहत न केवल उपस्थिति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, बल्कि शिक्षण-संबंधी आधारभूत ढांचे, अनुसंधान संस्कृति और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को शीघ्र लागू करें और विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित करें।