सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को दी गई कानूनी जानकारी
खूंटी, 30 अक्टूबर । नालसा सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण हाई स्कूल, मुरहू में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), खूंटी की ओर से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। झालसा, रांची के निर्देश पर प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) अर्जुन साव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न के प्रति सजग रहने की बात कही।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) राजीव कमल ने विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका और जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून बच्चों के अधिकारों और संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान उपलब्ध कराता है।
इस दौरान छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012, बाल अधिकार, बाल शोषण और उत्पीड़न से बचाव एवं कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। मुरहू थाना के एएसआई रंजीत तिग्गा और जॉन फॉल तोपनो ने साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी।
मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। डीएलएसए की ओर से कहा गया कि सुरक्षित बचपन अभियान के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
