एचईसी के अधिकारी और मजदूराें काे एकजुट होने की जरूरत : लालदेव
रांची, 14 अक्टूबर । एचईसी के अधिकारियों, स्थायी मजदूरों और ठेका श्रमिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। दशहरा पूजा के बाद भेल प्रबंधन के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। यह आह्वान हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए किया।
लालदेव सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा शुरू होने के बावजूद मजदूरों के वेतन भुगतान को लेकर प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है। उनका आरोप है कि प्रबंधन को वेतन मिल चुका है, लेकिन मजदूरों के भुगतान की चिंता नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दशहरा के अवसर पर दर्जनों ठेका मजदूरों को काम से बैठा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने और आर्थिक तंगी के कारण इंजीनियरों और ठेका मजदूरों को नौकरी छोड़कर जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद कई कर्मचारियों को बकाया वेतन, सीपीएफ, ग्रेच्युटी और छुट्टियों के बदले मिलने वाली राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस संबंध में सरकार को लगातार लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
लालदेव सिंह ने अधिकारियों, स्थायी कर्मचारियों और ठेका मजदूरों से एकजुट होकर प्रबंधन के इस्तीफे की मांग पर संघर्ष तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी का असर उनके बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
