मानदेय वृद्धि नवंबर से लागू करने पर भड़कीं आंगनवाड़ी कर्मी, अप्रैल से एरियर देने की मांग
शिमला, 25 अक्टूबर । हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में एक हज़ार रुपये की बढ़ोतरी को 1 नवंबर 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी करने पर सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने नाराजगी जताई है। यूनियन ने इसे कर्मियों के साथ धोखा करार देते हुए मांग की है कि बजट में घोषित बढ़ोतरी अप्रैल 2026 से लागू की जाए और सात महीने का बकाया एरियर दिया जाए।
शिमला में रविवार को यूनियन की जिला कमेटी की बैठक हुई। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 22 अक्टूबर को जारी अधिसूचना पर चर्चा की गई। यूनियन के अनुसार, अधिसूचना में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया गया है। हालांकि, बढ़ोतरी 1 नवंबर से लागू करने का प्रावधान किया गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं मीना मेहता, हरदेई ठाकुर और ऊषा देवी ने कहा कि जब बजट सत्र में मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई थी, तो इसका लाभ अप्रैल से दिया जाना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि अप्रैल से अक्टूबर तक की अवधि के बकाया भुगतान को अधिसूचना में शामिल क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ-शिशु कल्याण से जुड़े काम करती हैं। महंगाई के दौर में कम मानदेय पर काम कर रही इन कर्मियों को घोषित बढ़ोतरी का लाभ पिछली तारीख से मिलना चाहिए।
यूनियन ने सरकार से अधिसूचना में संशोधन कर बढ़ोतरी की प्रभावी तारीख अप्रैल 2026 निर्धारित करने और 31 अक्टूबर तक का एरियर जारी करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि 23 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले के हर प्रोजेक्ट में प्रदर्शन कर कर्मियों ने अपनी नाराजगी जताई थी। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
