मूसलाधार बारिश से भीमताल में जनजीवन अस्त-व्यस्त
नैनीताल, 02 सितंबर । पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से नैनीताल जनपद के भीमताल नगर में जगह-जगह जलभराव, मलबा आने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से विशेषकर भीमताल-नौकुचियाताल पर्यटन मार्ग का करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
यहां जंगलियागांव पहाड़ी मार्ग और नौल-बिजरौली क्षेत्र में भी मलबे से रास्ते बाधित हैं। साथ ही भीमताल नगर पालिका का लगभग डेढ़ किलोमीटर सार्वजनिक रास्ता रोड़ी, रेत, मिट्टी और मलबे से भर गया है तथा कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है। यह मलबा आईटीआई मार्ग होते हुए नौकुचियाताल की मुख्य पर्यटन सड़क तक पहुंच गया है। इसके साथ ही खुटानी नाले से आया मलबा ब्लॉक रोड, विकास भवन, सिडकुल, बाईपास और जून स्टेट के वार्ड छह, सात, आठ और नौ तक पहुंचा है।
नाले के साथ बहकर आ रही रोड़ा-बजरी, रेत और मिट्टी भीमताल झील में पहुंच रही है, जिससे झील में गाद जमा होने की स्थिति बन रही है।
इसके अतिरिक्त बाईपास क्षेत्र में जहां मंगलवार को नाले के तेज बहाव में एक चार वर्षीय बच्ची की बहने से मौत हो गई। वहीं खुटानी और मेहरा गांव से आने वाले नालों का मलबा ब्लॉक रोड, विकास भवन, सिडकुल, बाईपास और जून स्टेट के वार्डों तक पहुंचा है। मलबा भीमताल झील में जाने से गाद जमा होने की स्थिति बन रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने कहा कि वे वर्ष 2012 से नगर के संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी उपचार के लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन देते आ रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्य नहीं हुए। उन्होंने जिलाधिकारी से सभी नालियों और कलमटों की सफाई, नालों के मुहानों से अतिक्रमण हटाने तथा खुटानी व बिजरौली नालों में चेकडैम, गाद रोकने के उपाय और जाल लगाने तथा सभी नौ वार्डों में ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने और आपदा मदों से स्थायी कार्य कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में नुकसान होता है। ऐसे में आपदा संकट मोचन मद, विभागीय मद, जिला योजना और राज्य योजना समेत उपलब्ध मदों से तत्काल और स्थायी कार्य कराए जाने की आवश्यकता है।