कैथल: पंचायत भूमि की लीज में अनियमितताओं का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
कैथल, 02 सितंबर । गांव भूना की पंचायत भूमि से संबंधित कथित अनियमितताओं, नियम विरुद्ध लीज और पंचायत को हुए आर्थिक नुकसान के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को जिला सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पंचायत भूमि की निष्पक्ष जांच कराने, लीज प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और पंचायत को हुए नुकसान की रिकवरी कराने की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार एक जुलाई 2026 को पंचायत भूमि की करीब एक वर्ष की लीज भंवरी देवी के नाम जारी की गई थी। इस मामले में सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी, गुहला की ओर से 24 अगस्त 2026 को लीज निरस्त करने के साथ लीज प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश के बावजूद पूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि एक जुलाई को हुई बोली में भंवरी देवी स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि के रूप में मौजूद नहीं थीं, इसके बावजूद ग्राम सरपंच और ग्राम सचिव की ओर से उनके पक्ष में लीज जारी की गई। ग्रामीणों ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भंवरी देवी के आधार कार्ड में 14 जुलाई 2026 को ग्राम भुना का पता दर्ज हुआ, जबकि वोटर रिकॉर्ड में उनका पता अन्य स्थान का बताया गया है।
सरपंच-सचिव की विभागीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने सहायक कलेक्टर के 24 अगस्त के आदेश का तत्काल पालन करवाकर लीज वाली जमीन का कब्जा ग्राम पंचायत भुना को दिलाने की मांग की। साथ ही सरपंच और पंचायत सचिव की विभागीय जांच करवाकर दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में भंवरी देवी और भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुलवंत बाजीगर की भूमिका भी पंचायत भूमि की बोली प्रक्रिया में रही है। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाए। ग्रामीणों ने नहरी खाल वाली जमीन की राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग से संयुक्त जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत की जमीन गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा निजी लाभ का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, पंचायत को हुए नुकसान की रिकवरी तथा पंचायत भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर ग्राम पंचायत को सौंपने की मांग की है। पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि यह 5000 की आबादी का गांव है। इसमें राजपूत, कश्यप और गुर्जर समाज की बाहुल्यता है, लेकिन कुछ चुनिंदा लोग ही बार-बार इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। इनसे भी यह पूछा जाना चाहिए कि उनके पास कितने साल की लीज है।