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पुणे करेगा यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी, पहली बार भारत में आयोजन

नई दिल्ली, 24 सितंबर । पुणे ने 2032 की यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनल (यूसीआई) रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार हासिल कर लिया है। इसके साथ ही पहली बार साइकिलिंग की इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता का आयोजन भारत में होगा। महाराष्ट्र सरकार और साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) ने भारत सरकार के समर्थन से पुणे की दावेदारी पेश की थी। एक प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी गई।

यूसीआई कांग्रेस में कनाडा के मॉन्ट्रियल में पुणे की अंतिम प्रस्तुति के बाद मेजबानी की घोषणा की गई। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।

यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग कैलेंडर की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल है, जिसमें दुनिया के शीर्ष साइकिलिस्ट इंद्रधनुषी जर्सी के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।

साल 2025 में रवांडा के किगाली में आयोजित चैंपियनशिप में 113 देशों के 734 साइकिलिस्टों ने हिस्सा लिया था और करीब 20 लाख दर्शक पहुंचे थे।

भारत के लिए यह आयोजन देश में वैश्विक साइकिलिंग समुदाय को लाने के साथ-साथ खिलाड़ियों के विकास, बुनियादी ढांचे, खेल में भागीदारी और विशेषज्ञता को बढ़ाने का अवसर होगा। पुणे की दावेदारी में भारत के बड़े साइकिलिंग आधार, जमीनी स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के अनुभव को प्रमुखता दी गई।

साल 2026 पुणे ग्रैंड टूर ने भी बड़े आयोजन के संचालन की क्षमता प्रदर्शित की। इस प्रतियोगिता के दौरान 25 से अधिक सरकारी विभागों के बीच समन्वय और 437 किलोमीटर रेस-रेडी सड़कों की व्यवस्था की गई थी। 2032 तक पुणे को छह वर्षों का ग्रैंड टूर अनुभव प्राप्त हो जाएगा।

यूसीआई अध्यक्ष डेविड लैपार्टिएंट ने कहा कि पुणे ग्रैंड टूर से संबंधित रिपोर्ट बेहद उत्साहजनक है।

उन्होंने कहा कि भारत में साइकिलिंग के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और प्रमुख हितधारकों की प्रतिबद्धता इस खेल के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।

पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र दुदी ने कहा कि यह पुणे और भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उनके अनुसार, चैंपियनशिप की मेजबानी से एलीट खेल के साथ जनभागीदारी, पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और वैश्विक स्तर पर पुणे की पहचान को बढ़ावा मिलेगा।

साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने कहा कि 2032 तक का समय भारतीय खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों के लिए बेहतर अवसर और मजबूत प्रणाली तैयार करने में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग के उच्चतम मानकों के अनुरूप अपना तंत्र विकसित करना है।

पुणे में 2032 की चैंपियनशिप प्रस्तावित 2036 ओलंपिक की मेजबानी से चार साल पहले होगी। ऐसे में यह आयोजन भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए बुनियादी ढांचे और आयोजन क्षमता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी होगा।

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