रक्षाबंधन पर एएनटीएफ की तीन बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की एमडी बरामद और दो इनामी आरोपी गिरफ्तार
जयपुर, 28 अगस्त । रक्षाबंधन के पर्व पर राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के कारोबार और फरार अपराधियों के खिलाफ तीन बड़ी कार्रवाई की। नागौर में जयपुर लाई जा रही 5 किलो 400 ग्राम एमडी बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1.62 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुलिस पर फायरिंग के मामले में करीब एक साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी संदीप राज शर्मा को जयपुर से गिरफ्तार किया गया। वहीं करीब 10 माह से वांछित एक लाख रुपये के इनामी तस्कर सरगना श्यामसुंदर उर्फ सांवराराम उर्फ सांवरिया को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया।
आईजी एएनटीएफ विकास कुमार, राजस्थान पुलिस ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भी एएनटीएफ की टीमें ड्यूटी पर रहीं और अलग-अलग अभियानों में सफलता हासिल की। एएनटीएफ ने नागौर के जायल थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर 5.400 किलो एमडी बरामद की। मौके से टीयूवी-300 कार जब्त कर एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया।
पुलिस को सूचना मिली थी कि एमडी की बड़ी खेप नागौर से जयपुर ले जाकर अलग-अलग पार्टियों और ग्राहकों को सप्लाई की जानी है। टीम ने ग्राम दुगौली में खारी-जोधा जाने वाली सड़क पर देवनारायण बगीची के सामने नाकाबंदी की। संदिग्ध कार की तलाशी लेने पर खलासी सीट के नीचे रखे सफेद प्लास्टिक के कट्टे में पांच हरी थैलियों से एमडी बरामद हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि खेप सालासर-मालास, थाना मेडतारोड़ क्षेत्र से ली गई थी और धुडिला गांव के पास एक तस्कर ने इसे बाल अपचारी को सौंपा था। मोबाइल में एक अकाउंटिंग ऐप पर ‘एसडी मुथ’ नाम से करीब 16 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब भी मिला। पुलिस सप्लायर और आगे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। एएनटीएफ के अनुसार गठन के करीब 10 माह में टीम 196.76124 किलो एमडी बरामद कर चुकी है।
दूसरी कार्रवाई में एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन कलर फोटो’ के तहत करीब एक साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी संदीप राज शर्मा को जयपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार जून 2025 में जयपुर पुलिस टीम वांछित आरोपी की तलाश में नंदन विहार कॉलोनी स्थित किराये के मकान पर पहुंची थी। वहां संदीप शर्मा ने कथित रूप से देशी कट्टे जैसे हथियार से पुलिस पर फायर किया। गोली एक पुलिसकर्मी के हाथ को छूकर निकल गई। इसके बाद आरोपी स्कॉर्पियो से फरार हो गया। मामले में रामनगरिया थाना जयपुर पूर्व में फायरिंग और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 11 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। फरारी के दौरान उसने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, जयपुर और दौसा में ठिकाने बदले। एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि वह एनडीपीएस मामलों में वांछित साथियों के साथ जयपुर में मिलने वाला है। निगरानी के बाद टीम ने संभावित स्थान पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। तीसरी कार्रवाई में एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन वंशीधर 2.0’ के तहत राजस्थान के एक लाख रुपये के इनामी वांछित तस्कर सरगना श्यामसुंदर उर्फ सांवराराम उर्फ सांवरिया को जोधपुर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार श्यामसुंदर करीब 15 वर्षों से आपराधिक गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित करीब 15 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2024 में जोधपुर रेंज की साइक्लोनर सेल ने उसे पकड़ा था, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह फिर तस्करी में सक्रिय हो गया।
जांच में मणिपुर और मिजोरम से मध्यप्रदेश के रास्ते मारवाड़ तक मादक पदार्थ पहुंचाने वाले नेटवर्क से उसके जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार वह सेकेंड हैंड वाहनों का इस्तेमाल कर 30 से 60 किलो तक की खेप राजस्थान लाने का प्रयास करता था।
एएनटीएफ ने करीब 10 माह तक उसकी तलाश की। इस दौरान वह तीन बार टीम को चकमा देकर फरार हुआ। आखिरकार बाड़मेर से जोधपुर आने की सूचना पर धवा और बोरानाड़ा क्षेत्र में निगरानी की गई। संदिग्ध कार दिखाई देने पर टीम ने करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया। आरोपी ने कच्चे रास्ते पर वाहन मोड़कर भागने का प्रयास किया और एएनटीएफ के वाहन को टक्कर मार दी। इसके बाद कार छोड़कर झाड़ियों की आड़ में पैदल भागने लगा, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
एएनटीएफ आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी मणिपुर, मध्यप्रदेश और राजस्थान तक फैले तस्करी नेटवर्क में सप्लायर, परिवहनकर्ताओं, स्थानीय रिसीवरों और अन्य जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। नागौर में हुई एमडी बरामदगी के मामले में भी सप्लाई के स्रोत और आगे जुड़े नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।