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पर्यटक गाइड्स का सरकार के खिलाफ मोर्चा: 28 जुलाई को शहीद स्मारक पर जुटेंगे हजारों गाइड

जयपुर, 23 जुलाई । राजस्थान के लाइसेंसधारी पर्यटक गाइड अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। पर्यटन इतिहास में पहली बार प्रदेशभर के लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड 33 सूत्रीय मांगों को लेकर 28 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन में जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, अजमेर, पुष्कर, रणथंभौर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, माउंट आबू, बूंदी, कोटा, अलवर, दौसा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों से लाइसेंसधारी गाइड भाग लेंगे।

जयपुर के वरिष्ठ लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड एवं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधिकृत टूरिस्ट फैसिलिटेटर रवि शंकर धाभाई ने बताया कि पिछले चार वर्षों से गाइड्स अपनी 33 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार से लगातार संवाद कर रहे हैं। इस दौरान कई ज्ञापन सौंपे गए तथा प्रतिनिधिमंडलों ने पर्यटन विभाग की आयुक्त, उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री से भी मुलाकात की, लेकिन अब तक किसी भी प्रमुख मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

उन्होंने बताया कि आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग ‘राजस्थान पर्यटक गाइड्स कल्याण बोर्ड’ का गठन है, ताकि प्रदेश के हजारों लाइसेंसधारी गाइड्स को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक संरक्षण और सम्मानजनक भविष्य मिल सके। इसके अलावा ऑफ-सीजन आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, पेंशन, परिवार सुरक्षा, कौशल उन्नयन, रोजगार सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी तत्काल लागू करने की मांग की जा रही है।

टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एंड रिफॉर्म सोसाइटी के अध्यक्ष धारा सिंह गुर्जर ने कहा कि राजस्थान की पर्यटन अर्थव्यवस्था में पर्यटक गाइड सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के समक्ष राजस्थान की संस्कृति, इतिहास, विरासत और लोकजीवन का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि उनके लिए कोई स्थायी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह मौसमी होने के कारण हजारों गाइड्स वर्ष के कई महीनों तक आर्थिक संकट से जूझते हैं और अनेक परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है।

उन्होंने कहा कि चार वर्षों तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने के बावजूद न तो राज्य सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल हुई और न ही केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से सार्थक समाधान सामने आया। इससे गाइड समुदाय में गहरा असंतोष व्याप्त है।

रवि शंकर धाभाई ने राज्य और केंद्र सरकार से आंदोलन से पूर्व सकारात्मक निर्णय लेकर गाइड्स की वर्षों पुरानी मांगों का समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी लाइसेंसधारी पर्यटक गाइड्स से 28 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पहुंचकर अपने अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

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