बारिश की बेरुखी से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, कहीं दूसरी तो कहीं तीसरी बार करनी पड़ रही बुवाई
मंदसौर, 14 जुलाई । मानसून की लंबी बेरुखी ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर बीज अंकुरित ही नहीं हुए, जबकि जहां अंकुरण हुआ वहां नमी की कमी से पौधे सूखने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ गांवों में किसानों को दूसरी और कुछ जगह तीसरी बार खेतों में दोबारा बुवाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है।
बालागुड़ा गांव के किसानों का कहना है कि लगातार दो बार फसल खराब होने के बाद अब तीसरी बार खाद और बीज खरीदकर बुवाई करनी पड़ रही है। वहीं नारायणगढ़, जलोदिया और आसपास के गांवों में भी किसान दूसरी बार बीज डालने को मजबूर हैं। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है और कई किसानों को उधार लेकर खेती का खर्च उठाना पड़ रहा है।
बालागुड़ा के किसान नरेंद्र पाटीदार ने बताया कि तीन बीघा खेत में बोई गई सोयाबीन पर्याप्त बारिश नहीं मिलने के कारण अंकुरित नहीं हुई। दोबारा बुवाई करने में उन्हें करीब एक लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ा।
इसी गांव के किसान लक्ष्मीनारायण ने बताया कि दो बीघा में बोई गई फसल भी खराब हो गई, जिसके बाद दूसरी बार बुवाई में लगभग 70 हजार रुपये खर्च हुए। किसान राजेश शर्मा के अनुसार पांच बीघा खेत में बोई गई सोयाबीन भी खराब हो गई और दोबारा बुवाई के लिए उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़े।
किसान दशरथ भागीरथ पाटीदार ने बताया कि छह बीघा खेत में फसल नष्ट होने के बाद उन्हें तीसरी बार बुवाई करनी पड़ी, जिस पर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये का खर्च आया।
कई किसानों ने बदली फसल
जलोडिया गांव के किसान रूपचंद धनगर ने बताया कि पहली बार बोई गई सोयाबीन अंकुरित नहीं होने पर उन्होंने खेत तैयार कर दोबारा उड़द की बुवाई की। इस प्रक्रिया में करीब 75 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आया।
किसानों का कहना है कि लगातार दो और तीन बार बुवाई करने से खेती की लागत काफी बढ़ गई है। अधिकांश किसानों ने खाद और बीज खरीदने के लिए कर्ज लिया है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो पूरे खरीफ सीजन पर संकट गहरा सकता है।
अच्छी बारिश के लिए मंदिरों में हो रहे धार्मिक आयोजन
बारिश की कमी से चिंतित ग्रामीण अब धार्मिक आस्था का सहारा भी ले रहे हैं। गुडभेली बड़ी सहित क्षेत्र के कई गांवों में अच्छी वर्षा की कामना को लेकर मंदिरों में भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। महिलाएं ढोलक और मंजीरे के साथ सामूहिक भजन गाकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की प्रार्थना कर रही हैं। ग्रामीणों का विश्वास है कि सामूहिक प्रार्थना से क्षेत्र में जल्द अच्छी वर्षा होगी और किसानों की चिंता दूर होगी।