नेपाल के अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों का रिकॉर्ड आगमन, 169 देशों के 5.08 लाख सैलानी पहुंचे
काठमांडू, 21 जुलाई । नेपाल के अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण पिछले आर्थिक वर्ष में 169 देशों के 5 लाख 8 हजार 476 विदेशी पर्यटकों ने किया। इनमें दक्षिण एशियाई देशों के 3 लाख 84 हजार 145 तथा अन्य देशों के 1 लाख 24 हजार 331 पर्यटक शामिल रहे।
सबसे अधिक 3 लाख 75 हजार 797 भारतीय पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंचे। इसके बाद चीन के 12 हजार 539 और अमेरिका के 9 हजार 884 पर्यटकों ने अन्नपूर्ण क्षेत्र का भ्रमण किया। इसी प्रकार ब्रिटेन से 9 हजार 859, फ्रांस से 7 हजार 939, मलेशिया से 7 हजार 848, जर्मनी से 7 हजार 634, बांग्लादेश से 7 हजार 448, ऑस्ट्रेलिया से 7 हजार 95 और इजराइल से 6 हजार 398 पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंचे।
अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के प्रमुख डॉ. रविन कडारिया ने बताया कि आर्थिक वर्ष की तुलना में पिछले आर्थिक वर्ष में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी रही। उनके अनुसार, पिछले आर्थिक वर्ष में 2 लाख 78 हजार 113 विदेशी पर्यटक अन्नपूर्ण क्षेत्र पहुंचे थे, जबकि पिछले वर्ष पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया।
डॉ. कडारिया के अनुसार, पिछले जेठ (मई-जून) महीने में भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि भारतीय पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या पहली बार इस क्षेत्र में पहुंची है।
उन्होंने बताया कि भारत में पोखरा, मुक्तिनाथ और अन्नपूर्ण क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार, बेहतर सड़क संपर्क तथा सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ती लोकप्रियता के कारण भारतीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक पोखरा और आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। अप्रैल–जून के दौरान नेपाल की पर्यटन राजधानी पोखरा के होटलों में 90 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। डॉ. कडारिया ने बताया कि पोखरा आने वाले भारतीय पर्यटकों में से लगभग 40 प्रतिशत मुक्तिनाथ भी जाते हैं।
अन्नपूर्ण क्षेत्र दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ट्रेकिंग (पदयात्रा) पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक अन्नपूर्ण सर्किट ट्रेल के माध्यम से अन्नपूर्ण बेस कैंप, मर्दी हिमाल, घान्द्रुक, मनाङ की तिलिचो झील, थोरङ-ला दर्रा, अपर मुस्तांग, मुक्तिनाथ और म्याग्दी के घोडेपानी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हैं। अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना केवल इन गंतव्यों का भ्रमण करने वाले विदेशी पर्यटकों का ही रिकॉर्ड रखती है।
करीब 7,600 वर्ग किलोमीटर में फैला अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, हिमालयी जीवनशैली और समृद्ध संस्कृति के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस संरक्षण क्षेत्र में कास्की, लमजुङ, मनाङ, म्याग्दी और मुस्तांग जिलों की 15 स्थानीय इकाइयों के 87 वार्ड शामिल हैं। आकर्षक पर्यटन स्थलों, पर्यटन-अनुकूल बुनियादी ढांचे, उत्कृष्ट आतिथ्य और बेहतर सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र नेपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।