पंचायती राज व नगर निकाय चुनावों में दिखा कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनादेश : डॉ राजीव बिंदल
धर्मशाला, 18 जुलाई । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल में पंचायती राज व नगर निगम चुनावों ने 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव की तस्वीर साफ कर दी है। इन चुनावों में कांग्रेस कहीं भी नही खड़ी हो पाई। यह बात शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कही।
उन्होंने कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस सरकार ने जमकर सत्ता का दुरुपयोग किया। चुनाव परिणाम प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनादेश हैं और जनता ने सरकार की नीतियों को पूरी तरह नकार दिया है। जनता ने सिद्ध कर दिया सुक्खू सरकार सत्ता से जाने वाली है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, नगर निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है।
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने कई स्थानों पर अधिकृत उम्मीदवार तक घोषित नहीं किए थे। ऐसे में जीत का दावा करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर नगर निकायों में सत्ता हासिल करने के लिए नियमों में बदलाव करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अधिकृत उम्मीदवार मैदान में उतारे थे और चुनाव परिणामों ने वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर उन्होंने सुक्खू सरकार को दोषी करार दिया। उन्होंने कहा कि चिट्टे का कारोबार प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है, यह आज चिंता का विषय बन चुका है। सरकारी अस्पताल में रोगियों को इलाज के नाम पर मात्र पर्ची मिल रही है। हिम केयर योजना को बंद कर दिया। प्रदेश में बेरोजगारी, कर्मचारियों के लंबित मुद्दों, कानून-व्यवस्था और चुनावी वादों को पूरा न किए जाने को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। 2022 की घोषणाएं कांग्रेस सरकार ने अलमारी में बन्द करके रखी हैं।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए उस पर पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए प्रमुख वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। बिंदल ने दावा किया कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को वित्तीय सहायता समय पर नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा सरकार ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है क्योंकि वह अपने वादों को पूरा करने और जनता की गंभीर चिंताओं को दूर करने में विफल रही है।