पब्बर नदी पर पुल निर्माण में देरी पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट
शिमला, 22 जुलाई । हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में पब्बर नदी पर सीमा के पास बनने वाले पुल के निर्माण में हो रही देरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में स्वीकार कर लिया है। अदालत ने हिमाचल प्रदेश सरकार को इस मामले में विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
यह मामला हाईकोर्ट को प्रशासनिक स्तर पर मिली एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में रोहड़ू लोक निर्माण विभाग मंडल और चिड़गांव उपमंडल के तहत आरसीडी सड़क पर सीमा में पब्बर नदी पर बनने वाले पुल के निर्माण में लंबे समय से हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया था। शिकायत में आसपास के अन्य पुलों के निर्माण में हो रही देरी का भी जिक्र किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह पुल निर्माण की वर्तमान स्थिति, देरी के कारणों और आगे की कार्ययोजना से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश करे।
यह कार्रवाई अजय धवन की ओर से दी गई एक शिकायत के आधार पर हुई है। उन्होंने सीमा में पब्बर नदी पर पुल निर्माण का काम जल्द शुरू करवाने की मांग की थी। शिकायत में कहा गया था कि पुल निर्माण में लगातार हो रही देरी से स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट ने अब इस मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को निर्धारित की गई है।