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Chhattisgarh

एमसीबी : कलेक्टर ने दो-तीन साल से लंबित मामलों पर जताई नाराजगी, अधिकारियाें को चेतावनी

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 02 जून । कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संतन देवी जांगड़े ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) की बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। दो से तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जन शिकायतों के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए सीधे तौर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

कलेक्टर ने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन्हें अधिकतम 30 दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, यदि कोई आवेदन गलत विभाग में दर्ज हो गया है, तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने को कहा गया। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने आरटीआई ऑनबोर्डिंग कार्य में तेजी लाने तथा सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य रूप से पंजीयन और प्रशिक्षण पूरा करने की ताकीद की।

जिले के विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी बैठक में अहम फैसले लिए गए। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बिना बिजली वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, नए भवनों के हस्तांतरण, रामगढ़ में निर्माणाधीन भवन और कार्यकर्ता-सहायिका भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि समग्र शिक्षा और डीएमएफ मद से स्वीकृत स्कूली शौचालयों के निर्माण, मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम हर हाल में 15 जून से पहले पूरा हो जाना चाहिए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों को परेशानी न हो।

आम जनता से सीधे जुड़े राशन कार्ड के मुद्दे पर खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही, मृत या स्थायी रूप से पलायन कर चुके हितग्राहियों के नाम नियमानुसार सूची से हटाए जाएं। इसके अलावा, बैठक में उच्च न्यायालय से संबंधित अवमानना प्रकरणों पर समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने तथा डीएमएफ मद से संचालित विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र और जियो-टैग्ड फोटो समय पर जमा करने की बात कही गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को भविष्य के विकास कार्यों के लिए विभागवार ‘पर्सपेक्टिव प्लान’ तैयार करने पर बल दिया।

बैठक के अंत में उन्होंने दोहराया कि प्रशासन का अंतिम उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।

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