30 जून 2026 तक पूरा करना होगा मंगला पशु बीमा के क्लेम सेटलमेंट का काम:पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत
जयपुर, 26 जून । राजस्थान में पशुपालकों के कल्याण और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं की रफ्तार तेज कर दी है। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने विभाग की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं-‘मंगला पशु बीमा योजना’ और ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान योजना’ के शत-प्रतिशत लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने इसके लिए 15 जुलाई 2026 की अंतिम समय-सीमा (डेडलाइन) तय की है।
पशुपालन निदेशालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री कुमावत ने स्पष्ट कहा कि कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पाबंद करते हुए निर्देश दिए कि ‘मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत पशुओं के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (हेल्थ सर्टिफिकेट) जारी करने का काम हर हाल में 30 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही, पशुपालकों के लंबित पड़े बीमा क्लेम संबंधी मामलों का निपटारा भी इसी अवधि (30 जून) तक करने के आदेश दिए गए हैं ताकि प्रभावित पशुपालकों को तुरंत राहत मिल सके।
योजनाओं की जमीनी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने पशुवार अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके तहत मंत्री ने गाय, भैंस और बकरी के पंजीकरण का 100 फीसदी कार्य 15 जुलाई-2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा राज्य के रेगिस्तानी और ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भेड़ और ऊंटों के पंजीकरण का 80 फीसदी कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुदूर ग्रामीण इलाकों और ढाणियों में रहने वाले पशुपालकों को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से मौके पर ही पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, बीमा पंजीकरण और कृत्रिम गर्भाधान तकनीक को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी।
कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन’ तकनीक से जहां राज्य में उच्च नस्ल की दुधारू गायों और भैंसों की संख्या बढ़ेगी, वहीं ‘मंगला पशु बीमा योजना’ से पशुधन के नुकसान की भरपाई आसानी से हो सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि तय समय-सीमा में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, पशुपालन निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना, निदेशक राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, निदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक जिलों से विभाग के अतिरिक्त निदेशक और संयुक्त निदेशक तथा योजनाओं से संबंधित नोडल अधिकारी उपस्थित थे। जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।