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महिला स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय मंथन, आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने की चर्चा

धनबाद, 16 मई । महिला स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व को लेकर देशभर के 300 से ज्यादा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों का जुटान हुआ।

शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में स्त्री रोग एवं प्रसूति चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए शोध, अत्याधुनिक तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

यह कार्यक्रम धनबाद सोसायटी ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया है।

स्वस्थ नारी और सशक्त समाज थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन कर रहे हैं।

सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण पीपीएच वर्कशॉप है। पीपीएच यानी प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव की गंभीर स्थिति, जिसे दुनियाभर में मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में गिना जाता है।

वर्कशॉप के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टर इस गंभीर स्थिति से निपटने के आधुनिक तरीकों, इमरजेंसी मैनेजमेंट, नई तकनीकों और जीवनरक्षक उपचार प्रक्रियाओं की जानकारी साझा कर रहे हैं।

आयोजकों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से चिकित्सकों को जटिल परिस्थितियों में तेज और बेहतर उपचार देने में मदद मिलेगी।

अगले दो दिनों तक चिकित्सक महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

पटना से आए फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ संजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।

इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में मरीजों को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

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