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Himachal Pradesh

पाकिस्तान बॉर्डर से हिमाचल पहुंच रहा चिट्टा, शिमला पुलिस ने दबोचा सप्लॉयर

शिमला, 20 मई । हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान शिमला पुलिस ने पंजाब के भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके से हिमाचल तक पहुंच रहे चिट्टा नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के फिरोजपुर जिले के रहने वाले 22 वर्षीय आकाशदीप उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया है, जिसे जलालाबाद, जिला फाजिल्का से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक फिरोजपुर जिला भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है और जांच में सामने आया है कि वहीं से चिट्टे की सप्लाई हिमाचल तक पहुंच रही थी।

यह मामला पुलिस थाना सदर शिमला में 9 मई को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब के फिरोजपुर निवासी 26 वर्षीय निशान सिंह और कपूरथला निवासी 23 वर्षीय गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 10.300 ग्राम चिट्टा यानी हेरोइन बरामद हुई थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से गहन पूछताछ की और डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डाटा तथा वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच में चिट्टे की खेप के मुख्य सप्लॉयर की पहचान आकाशदीप उर्फ आकाश के रूप में हुई। इसके बाद मंगलवार को सदर शिमला पुलिस ने पंजाब पुलिस के सहयोग से ऑपरेशन चलाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इसी अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एक अन्य मामले में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज एफआईआर में 3 अप्रैल 2026 को रोहड़ू निवासी 27 वर्षीय सिद्धांत खागटा और बिलासपुर निवासी 35 वर्षीय गौरव कुमार के कब्जे से नाइट्राजेपम टैबलेट्स आईपी 10 एमजी (नाइट्रोसन-10) के 19 पत्ते बरामद किए गए थे। इनमें कुल 190 प्रतिबंधित गोलियां थीं।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, व्हाट्सएप चैट, सीडीआर डाटा और वित्तीय लेन-देन की जांच की। इसमें पता चला कि प्रतिबंधित दवाइयों की यह खेप उत्तर प्रदेश के लखनऊ से कूरियर के जरिए भेजी गई थी। इसके बाद पुलिस ने 17 मई 2026 को लखनऊ से 32 वर्षीय अहमर ब्रिजास को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी लखनऊ में केमिस्ट शॉप चलाता है और बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयां अवैध रूप से उपलब्ध करवा रहा था। इस मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब नौ गुना अधिक है। इसी तरह इस साल अब तक 30 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क भी ध्वस्त किए गए हैं।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि शिमला पुलिस नशे के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल छोटे स्तर के पेडलरों तक सीमित नहीं है, मामलों की गहराई तक जाकर मुख्य सप्लॉयर और पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई जा रही है।

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