मझाण में वन महोत्सव : 250 पौधारोपण के साथ जंगलों के बचाव का महिलाओं ने लिया संकल्प..
मझाण में वन महोत्सव : 250 पौधारोपण के साथ जंगलों के बचाव का महिलाओं ने लिया संकल्प..
मंडी, 05 अगस्त । पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और सहिष्णुता ही हमारी प्राकृतिक संपदा विशेषकर वनों को संरक्षित कर पाएगा। इसके लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। जिसे हम विभिन्न गतिविधियों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सुनिश्चित करने में लगे हैं। जिसमें हमें सफलता मिलने लगी है। वन महोत्सव का आयोजन महिला मंडलों, युवक मंडल और पंचायतों के माध्यम से आयोजित करना इसकी सफलता के ज्वलंत उदाहरण है।
महिला मंडल चलाग -मझाण, सरस्वती स्वयं सहायता समूह चलाग और वैष्णवी स्वयं सहायता समूह मझाण के साथ स्थानीय लोगों व बच्चों द्वारा नाचन वन मंडल के अंतर्गत सरोआ बीट के मझाण जंगल में 250 विभिन्न प्रकार के पौधरोपण करते हुए वन महोत्सव को सफल बनाया। इसके लिए समस्त महिलाओं और स्थानीय लोगों के प्रति हम आभार व्यक्त करते हुए आह्वान करते हैं कि आप सभी को लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन करना है। वनों को आग से बचाना है। वन हमारी सबसे बहुमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। आओ मां के नाम हर प्राणी जहां कहीं भी जगह मिले, पौधे लगाएं। इस धरती को स्वच्छ और सुंदर बनाएं।
नाचन वन मंडलाधिकारी एसएस कश्यप ने कहा कि नाचन वन मंडल की सभी 58 बीटो में इन दिनों 5 अभियान तेज़ गति से चल रहे हैं। जिन में एक पौधा मां के नाम, स्वच्छता अभियान, क्षेत्र का बीज उसी क्षेत्र में,नशा के खिलाफ जनसहभागिता और प्राकृतिक संरक्षण है। ये सभी अभियान जनसहभागिता से शुन्य खर्चे पर स्थानीय समुदाय द्वारा किए जा रहे हैं। कश्यप ने बताया कि ये खुशी की बात है कि गत वर्ष नाचन वन मंडल में कहीं आगजनी की घटना नहीं घटी। इससे स्थानीय सहभागिता और जंगलों के प्रति जागरूकता का परिचय मिलता है। उन्होंने कहा कि डिजास्टर में बासा वन् मंडल द्वारा स्लाइड स्थलों पर शून्य बजट पर बंयुस के पौधे रोपे गए थे। आज दो साल बाद वे हरे भरे हो गए हैं। जो दो साल बाद पेड़ के रूप में स्लाइड स्थलों को सुरक्षित करेंगे।