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भाभी की हत्या में दोषी देवर व उसकी पत्नी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

सोनभद्र, 30 अप्रैल । ढाई वर्ष पूर्व हुए नगीता हत्याकांड के मामले में वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी दम्पती को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनके ऊपर 11-11 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक राम सुदीन धरिकार पुत्र लक्ष्मण धरिकार निवासी सलखन टोला बहिरहवां, थाना चोपन, जिला सोनभद्र ने चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 28 नवम्बर 2023 को शाम 6 बजे उसका छोटा भाई चिनीलाल धरिकार हाथ में कुल्हाड़ी लेकर अपनी पत्नी रेशमी के साथ आया। घर पर उसकी पत्नी नगीता बच्चों के साथ घर का कामकाज कर रही थी। उसके छोटे भाई ने कुल्हाड़ी से नगीता के सिर पर प्रहार कर दिया और वह गिर गई। जब बचाने के लिए उसका बड़ा बेटा दौड़ा तो उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। उसके बाद धमकी देते हुए छोटा भाई अपनी पत्नी के साथ भाग गया। राम सुदीन दोनों को दवा इलाज के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी लेकर आया जहां पत्नी नगीता (40) की सिर में कुल्हाड़ी से गम्भीर चोट लगने से मौत हो गई। जबकि बेटे उत्तम (13) का इलाज चल रहा है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर दम्पती के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान जहां अभियुक्तगणों के अधिवक्ता ने पहला अपराध बताते हुए कम से कम दंड दिए जाने की याचना की, वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने हत्या का मामला बताते हुए अधिक से अधिक दंड देने की याचना की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषी दम्पती चिनीलाल धरिकार व रेशमी को उक्त सजा सुनाई।

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