उत्तर पश्चिम रेलवे पर ग्राहकों में बढ़ा कैशलैस भुगतान का चलन
जयपुर, 30 अप्रैल । उत्तर पश्चिम रेलवे में रेलवे टिकट, पार्सल, रिटायरिंग रूम, गुड्स एवं अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधा और भीड़ कम करने के उद्देश्य से अब अनारक्षित टिकट काउंटरों पर भी डायनामिक क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू कर दी गई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबी कतारों से राहत देने के लिए अनारक्षित टिकट काउंटरों पर भी ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। इससे यात्रियों को टिकट लेने में आसानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख स्टेशनों के आरक्षण काउंटरों पर पहले से ही पीओएस मशीनों के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्रमुख स्टेशनों पर एटीवीएम मशीनों से भी डिजिटल माध्यम से अनारक्षित टिकट लिए जा सकते हैं। यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के जरिए सामान्य टिकट जारी करने में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देश पर बुकिंग खिड़कियों पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए 603 स्थानों पर डायनामिक क्यूआर कोड स्थापित किए जा चुके हैं। इन क्यूआर कोड के माध्यम से यात्री पेटीएम, गूगल पे और फोन पे जैसे प्रमुख यूपीआई प्लेटफॉर्म से भुगतान कर सकते हैं।
रेलवे प्रशासन के अनुसार सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट काउंटरों और पार्सल कार्यालयों में क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे डिजिटल भुगतान में लगातार वृद्धि हो रही है। डिजिटल भुगतान के प्रति यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे द्वारा सोशल मीडिया और स्टाफ के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से सामान्य टिकट जारी करने में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अब दूरी सीमा समाप्त होने से यात्री कहीं से भी ऑनलाइन जनरल टिकट बुक कर सकते हैं, हालांकि जियो-फेंसिंग नियम के तहत प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर से टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं है।
रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को सुविधाजनक और पारदर्शी टिकटिंग सेवा उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।