दौसा में कॉन्स्टेबल हत्याकांड: दो दोषियों को उम्रकैद, तीन को 5-5 साल की सजा
दौसा, 30 अप्रैल । बहुचर्चित कॉन्स्टेबल प्रहलाद सिंह हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में फरारी में मदद करने वाले तीन अन्य आरोपियों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा दी गई है।
विशेष लोक अभियोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने हिण्डौन के सूरोठ निवासी सौरभ और भरतपुर के सेवर निवासी नवीन को हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी माना है। वहीं बंटी, जीतू और शुभम को आरोपियों को आश्रय देने और फरार होने में मदद करने का दोषी ठहराया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना अगस्त 2023 की है, जब दौसा पुलिस को सूचना मिली थी कि जयपुर से दो बदमाश चोरी की बाइक पर अवैध हथियारों के साथ हाईवे से गुजर रहे हैं। इस पर डीएसटी के कांस्टेबल प्रहलाद सिंह, बाल केस और पन्नालाल ने बदमाशों का पीछा किया। पुलिस को पीछे आते देख आरोपी बाइक छोड़कर बाजरे के खेतों में भाग गए। पीछा करते हुए पुलिसकर्मी भी खेतों में पहुंच गए, जहां आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, लेकिन आरोपियों की ओर से चलाई गई गोली कांस्टेबल प्रहलाद सिंह के सिर में जा लगी। उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब एक सप्ताह बाद उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी करीब 36 घंटे तक खेतों में छिपे रहे और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। बाद में साथी आरोपियों से संपर्क करने पर पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 56 गवाह और 209 दस्तावेज अदालत में पेश किए। न्यायालय ने 218 पृष्ठों का विस्तृत फैसला सुनाया।
उल्लेखनीय है कि प्रहलाद सिंह दौसा के सदर थाने में कांस्टेबल पद पर तैनात थे और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) के सदस्य थे। उनका जन्म 10 जुलाई 1989 को हुआ था और वर्ष 2008 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। 12 मई 2021 से वे दौसा डीएसटी में कार्यरत थे।