फतेहाबाद : चौपाल का ताला न खोलने पर हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा
फतेहाबाद, 21 अप्रैल । अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण सिंघल की अदालत ने हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी प्रेम सिंह निवासी गांव डांगरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रेम सिंह पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कैद काटनी होगी। अदालत में चले मामले के अनुसार यह मामला वर्ष 2022 टोहाना के डांगरा गांव का है। आरोपी प्रेम सिंह के खिलाफ शीशपाल के भतीजे गांव डांगरा निवासी मनोज कुमार की शिकायत पर टोहाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। जिसमें लंबी कानूनी प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के बाद कोर्ट ने आज अपना अंतिम निर्णय दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी देवेन्द्र मित्तल व सहायक जिला न्यायवादी डा. नरेंद्र सिंह ने पैरवी की। मंगलवार को जिला न्यायावादी देवेन्द्र मित्तल ने बताया कि 12 जनवरी 2022 को गांव डांगरा में चौपाल का ताला खोलने को लेकर विवाद हुआ था। मृतक शीशपाल द्वारा ताला खोलने से मना करने पर कर्मबीर अपने पिता प्रेम सिंह एवं भाईयों को बुलाकर मौके पर आया। इसके बाद प्रेम सिंह ने लोहे की पाइप से शीशपाल के मुंह व छाती पर वार किया, वहीं अन्य आरोपियों ने भी उसके साथ मारपीट की। घायल अवस्था में शीशपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 13 जनवरी 2022 को केस दर्ज किया था। न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि चिकित्सा साक्ष्य एवं प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों से यह सिद्ध होता है कि मृतक शीशपाल की हत्या की गई थी, जो उसके शरीर में लगी आंतरिक चोट के कारण हुई। न्यायालय ने यह भी माना कि प्रेम सिंह द्वारा लोहे की पाइप से किया गया प्रहार ही मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण था। अन्य सह-अभियुक्तों के विरुद्ध सांझा मंशा अथवा पर्याप्त चिकित्सकीय साक्ष्य सिद्ध न होने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। अदालत ने प्रेम सिंह को भारतीय दंड संहिता की दो अलग-अलग धाराओं के तहत दंडित किया है। मुख्य सजा धारा 302 (हत्या) के अंतर्गत दी गई है, जिसमें दोषी को आजीवन कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 3 महीने की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी। इसके अतिरिक्त, धारा 323 (मारपीट) के तहत मनोज कुमार को चोटें पहुंचाने के जुर्म में उसे 6 महीने के कठोर कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। अदालत ने आदेश दिया है कि ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी और दोषी द्वारा विचाराधीन अवधि के दौरान जेल में बिताया गया समय उसकी मुख्य सजा में से घटा दिया जाएगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को सेंट्रल जेल हिसार भेज दिया गया है।