डॉ विनोद सोमानी ‘हंस’ का नया निबंध-संग्रह ‘अर्चना के स्वर’ लोकार्पित
कलक्टर लोक बंधु ने संग्रह में शामिल 40 निबंधों पर रुझान व्यक्त करते हुए कहा कि यह कृति युवा पीढ़ी को जीवन की दिशा देने वाली है। उन्होंने कहा कि डॉ हंस ने बहुत सरल भाषा में जीवन के गूढ़ सत्य समझाए हैं। इस संग्रह में लेखक का आजीवन अनुभव झलकता है। यह निबंध बताते हैं कि व्यक्तित्व को कैसे संस्कारित किया जाए, अहं को सरल सत्य से कैसे जीतें और जीवन के अंधकार से प्रकाश की ओर कैसे बढ़ें। युवा पाठकों के लिए यह संग्रह मार्गदर्शक सिद्ध होगा।