जबलपुर : सीबीआई की विशेष अदालत से सहा. अभियंता को चार साल की सजा
अभियोजन के अनुसार आरोपी योगेश अरोड़ा ने शिकायतकर्ता से एलआईसी कार्यालय में किए गए मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों के बिलों को स्वीकृत करने के लिए बीस हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस शिकायत की सत्यता की पुष्टि करने के बाद सीबीआई, जबलपुर द्वारा ट्रैप की कार्यवाही की गई और आरोपी योगेश अरोड़ा को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।
विशेष अदालत ने विचारण के बाद आरोपित को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं धारा 13 (1) (डी), 13(2) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक अंकित गोयल ने गुरुवार को पैरवी की।