भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान : तंत्रिका विज्ञान व एआई-संचालित जीव विज्ञान में अग्रणी कार्य के लिए प्रतिष्ठित आईएनएसए पुरस्कार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान : तंत्रिका विज्ञान व एआई-संचालित जीव विज्ञान में अग्रणी कार्य के लिए प्रतिष्ठित आईएनएसए पुरस्कार
जोधपुर, 13 मई (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर के जैव विज्ञान और जैव इंजीनियरिंग विभाग के दो प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों को वर्ष 2025 के लिए भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) द्वारा पुरस्कार दिया गया है।
प्रो. अमित मिश्रा को न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों में न्यूरोनल प्रोटीन गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को समझने में उनके उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए आईएनएसए एसोसिएट फेलोशिप (आईएएफ) के प्राप्तकर्ता के रूप में चुना गया है। उनके कार्य ने गलत तरीके से जमा हुए प्रोटीन के खिलाफ बचाव में चयनात्मक और बहुआयामी ई-3 यूबिक्विटिन लिगेज की महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट किया है। ये समस्त निष्कर्ष न केवल न्यूरोबायोलॉजिकल रक्षा तंत्र में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं, बल्कि न्यूरोडीजनरेशन और उम्र से संबंधित विकारों के इलाज के लिए नए चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान करने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
सहायक प्राचार्य डॉ. सुचारिता डे को वर्ष 2025 के लिए आईएनएसए यंग एसोसिएटशिप (आईवाईए) के प्राप्तकर्ता के रूप में चुना गया है। डॉ. डे ने होमो-ऑब्लिगोमेरिक प्रोटीन कॉम्प्लेक्स के प्रोटिओम-वाइड पूर्वानुमान के लिए एक रणनीति विकसित की है, जिससे सैकड़ों नए संयोजनों की पहचान हुई है, जिसमें प्रयोगात्मक रूप से मान्य मेगाडाल्टन संरचनाएँ शामिल हैं। उनका अभिनव दृष्टिकोण कम्प्यूटेशनल अर्थात संगणनात्मकजैव और आणविक विज्ञान को जोड़ता है, जिससे प्रोटीन संयोजन और कार्य की समझ में महत्वपूर्ण रूप से वृद्धि हुई है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर के निदेशक, संकाय, कर्मचारी और छात्रों ने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मान्यता के लिए प्रो. मिश्रा और डॉ. डे को बधाई दी। उनकी उपलब्धियाँ वैश्विक प्रभाव के साथ बड़ी वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करने वाले अंत:विषय अनुसंधान को बढ़ावा देने के आईआईटी जोधपुर के दृष्टिकोण को और अधिक मजबूत करती हैं।